माननीय मंत्री विश्वास सारंग के साथ शारिक मछली

माननीय मंत्री विश्वास सारंग के साथ शारिक मछली
भाजपा नेताओं की सरपरस्ती में
से मगरमच्छ बना ‘शारिक
जन की बात शारिक मछली, यह नाम सुनने में कोई छोटे-मोटे बदमाश, चैन स्रेचर या चरस गांजा बेचने वाले का ल है, लेकिन राजधानी भोपाल का ये शारिक मछली कैसे मगरमच्छ बन गया जिसने 20 लड़कियों के अश वीडियो बनाए, जिसके तार पीएफआई जैसी संस्था से जुड़े हैं, जो लव जिहाद कर रहा था, जो 3 हथियारों का कारोबार चला रहा था, जो ड्रग्स तस्कर था, जो लड़कियों का यौन शोषण करता था जबरन वसूली भी शारिक मछली का धंधा था, इतना ही नहीं चुनाव में नेताओं का सपोर्ट करना और वि पक्ष को हथियार और धन के दम पर चुप कराना यह भी इसी शारिक मछली का काम था। दरअ शारिक मछली के परिवार ने 42 साल पहले तालाबों से अवैध रूप से मछली पकड़ने का काम शुरू इस मछली परिवार ने 1983 में सहकारी मछली पालन समिति बनाई। भोपाल के हथाई खेड़ा डैम सबसे पहले इस अपराधी परिवार ने कब्जा किया वैसे तो ठेका 10 साल के लिए दिया गया था, ले यह काम निरंतर जारी रहा जबकि कलेक्टर ने इस मछली पालन समिति को अवैध घोषित कर दिया लेकिन नेताओं के फोन और उनकी सरपरस्ती के कारण शारिक मछली का यह अवैध कारोबार नि जारी रहा। इस अपराधी ने कोकत के अनंतपुरा इलाके में छह हजार स्क्वायर फीट की सरकारी जमीन कब्जा करके एक आलीशान कोठी भी बनाई जिसे हाल ही में सरकार ने बुलडोजर से गिराया। सवाल है की एक मछली पकड़ने वाला इतना बड़ा अपराधी कैसे बन गया? तो इसके पीछे की कहानी यह है कि भोपाल के भाजपा ने बल्कि राष्ट्रीय स्तर के भाजपा नेता भी शारिक मछली का सपोर्ट कर रहे थे। सबसे दुखद बात तो यह है कि शिवराज सिंह चौहान में रहे कुछ मंत्री जो वर्तमान में भी मंत्री हैं, शारिक मछली के अजीज लोगों में शामिल हैं। आपको ध्यान होगा भोपाल जिला पंच चुनाव में भी शारिक मछली की बड़ी भूमिका थी क्योंकि भोपाल का हथाई खेड़ा डेम जो शारिक मछली के कब्जे में था
माननीय मंत्री विश्वास सारंग के साथ शारिक मछली