आपकी जानकारी सही है। हाल ही में, लोक निर्माण विभाग (PWD) न्यू भोपाल डिवीजन के सहायक ग्रेड-3 (बड़े बाबू) कमलेश मालवीय को लोकायुक्त पुलिस ने ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए ट्रेप (रंगे हाथों पकड़ा) किया।

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यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत की गई थी।​मुख्य विवरण:​नाम: कमलेश मालवीय​पद: सहायक ग्रेड-3 (बड़े बाबू)​विभाग: लोक निर्माण विभाग (PWD), न्यू भोपाल डिवीजन​आरोप: ₹5,000 की रिश्वत लेना​कार्रवाई करने वाला विभाग: लोकायुक्त पुलिस​भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई मध्य प्रदेश में लोकायुक्त संगठन द्वारा अक्सर की जाती है।​क्या आप इस मामले से जुड़ा कोई और विवरण, जैसे कि शिकायतकर्ता कौन था या रिश्वत किस काम के लिए ली गई थी, जानना चाहेंगे?/

यह लोकायुक्त पुलिस, भोपाल इकाई द्वारा की गई एक सफल ट्रेप कार्रवाई का आधिकारिक विवरण है, जो पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त श्री योगेश देशमुख के निर्देशों पर की गई।​लोकायुक्त ट्रेप कार्रवाई का विवरण

कार्य जिसके लिए रिश्वत मांगी गई थी (आमतौर पर ऐसे मामलों में):​शिकायतकर्ता, श्री दुर्गाप्रसाद विश्वकर्मा, लोक निर्माण विभाग (PWD) से सेवानिवृत्त हुए हैं। सहायक ग्रेड-3 का पद (बड़े बाबू) अक्सर सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन, ग्रेच्युटी, एरियर या अन्य सेवानिवृत्ति लाभों से संबंधित दस्तावेज़ों को आगे बढ़ाने या उनका निपटारा करने का काम देखता है।​इसलिए, यह रिश्वत संभवतः शिकायतकर्ता के सेवानिवृत्ति लाभों (Retirement Benefits) से जुड़े किसी आधिकारिक कार्य को करने के लिए या उसकी फ़ाइल को आगे बढ़ाने के बदले में मांगी गई थी।​इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया यह होगी कि लोकायुक्त पुलिस आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत वैधानिक कार्यवाही करेगी।​क्या आप इस समाचार के संबंध में कोई अन्य जानकारी जानना चाहेंगे?

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