पुरानी पेंशन के लिए फिर हुंकार: MP के कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख UPS को बताया सुरसरि प्रसाद पटेल प्रांतीय कोषाध्यक्ष अध्यक्ष जिला भोपाल ‘अहितकारी’

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भोपाल/सिवनी | 4 जनवरी, 2026

पुरानी पेंशन के लिए फिर हुंकार: MP के कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख UPS को बताया ‘अहितकारी’

भोपाल/सिवनी | 4 जनवरी, 2026

​मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) के प्रांताध्यक्ष परमानंद डेहरिया ने रविवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ज्ञापन भेजकर देश के एक करोड़ से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों की मांगों को रेखांकित किया।

UPS पर उठाए गंभीर सवाल

संगठन ने केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लाई गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को सिरे से खारिज कर दिया है। पत्र में दावा किया गया है कि UPS, पुरानी पेंशन योजना का विकल्प नहीं हो सकती और यह NPS (नेशनल पेंशन स्कीम) से भी अधिक “अहितकारी” है। कर्मचारियों का तर्क है कि केंद्रीय कर्मचारियों का इसमें रुचि न लेना ही इस योजना की विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

निजीकरण से बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता

NMOPS ने सरकारी संस्थानों के लगातार हो रहे निजीकरण पर भी कड़ा प्रहार किया है। संगठन का कहना है कि निजीकरण से देश में पूंजीवाद बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के स्थाई अवसर समाप्त हो जाएंगे। इससे न केवल निम्न और मध्यम वर्ग प्रभावित हो रहा है, बल्कि समाज में निराशा और बेरोजगारी की दर भी बढ़ रही है।

आंदोलन की दी चेतावनी

पत्र में पिछले आंदोलनों का हवाला देते हुए बताया गया कि 1 अगस्त 2025 को देशभर के जिला मुख्यालयों पर रोष मार्च निकाला गया था और नवंबर 2025 में दिल्ली में विशाल रैली आयोजित की गई थी। संगठन ने साफ कर दिया है कि जब तक “बुढ़ापे की लाठी” यानी पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

मुख्य मांगें:

  • ​देशभर में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को तुरंत बहाल किया जाए।
  • ​UPS (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) को वापस लिया जाए।
  • ​सरकारी संस्थानों के निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।

संपादकीय नोट: यह पत्र प्रधानमंत्री के अलावा केंद्रीय वित्त मंत्री और वित्त सचिव को भी भेजा गया है। अब देखना यह होगा कि 2026 की इस शुरुआत में सरकार कर्मचारियों की इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है।

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