इंदौर में दूषित पानी से बच्चों की मौत पर मचा सियासी बवाल; विपक्ष ने मांगा कैबिनेट मंत्री का इस्तीफा

इंदौर/भोपाल: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पानी पीने से हुई कथित बच्चों की मौत के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक तूल पकड़
लिया है। विपक्षी दलों और युवा संगठनों ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर प्रशासन और स्थानीय नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है।
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प्रमुख बिंदु:गंभीर आरोप: सोशल मीडिया पर ‘युवा देश’ (Yuva Desh) द्वारा साझा किए गए एक पोस्टर में दावा किया गया है कि “गंदा पानी पीने से 10 मासूमों की मौत” हुई है।निशाने पर कैलाश विजयवर्गीय: पोस्टर में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर का उपयोग करते हुए उन पर तीखे शब्दों (जैसे “जहरीली जुबान”) के साथ हमला किया गया है।इस्तीफे की मांग: प्रदर्शनकारियों और विपक्षी समर्थकों ने मांग की है कि इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री इस्तीफा दें।विवाद का कारणपोस्टर में मंत्री की एक एडिट की गई तस्वीर दिखाई गई है, जिसमें उनकी जुबान को सांप की तरह (द्वि-जिह्वा) दिखाया गया है और उस पर कुछ विवादास्पद शब्द लिखे हैं। यह पोस्टर मंत्री के पिछले बयानों और क्षेत्र की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के प्रति उनके कथित उपेक्षापूर्ण रवैये पर कटाक्ष करने के उद्देश्य से बनाया गया लगता है।प्रशासनिक प्रतिक्रियाअभी तक इस पोस्टर पर बीजेपी या मंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, जल विभाग और नगर निगम ने क्षेत्र में पानी की शुद्धता जांचने और पाइपलाइन की मरम्मत के निर्देश दिए हैं।सोशल मीडिया के लिए शार्ट न्यूज़ (कैप्शन):🚨 बड़ी खबर: इंदौर में दूषित जल से हुई कथित मौतों के बाद राजनीति गरमाई! ‘युवा देश’ ने पोस्टर जारी कर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को घेरा। पोस्टर में तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए इस्तीफे की मांग की गई है। क्या यह प्रशासन की लापरवाही है या राजनीतिक साजिश? अपनी राय दें। 👇अगला कदम: क्या आप इस न्यूज़ के लिए कोई विशेष हेडलाइन या निष्कर्ष बदलना चाहेंगे, या आप चाहते हैं कि मैं इस पर सत्ता पक्ष का संभावित जवाबी बयान
